बर्फ़ें!
भयानक नाउम्मीदियों के दौर
अब भी बचे हैं इस धरती पर जीने लायक रंग
कुछ मौके अब भी
हैं सहेजने के प्रकृति को, रिश्तों को
और संवेदनाओं को
जानते हो बर्फ़ का रंग सफ़ेद क्यों है
ताकि दिन ब दिन बहुत
काले हो रहे इस काले से वक्त में बच्चे
देख पाएं ऐसी कोई
झक्क उजली सफेदी जो सिर्फ और सिर्फ
बर्फ़ ने बचा के रखी है
अपने भीतर!
भयानक नाउम्मीदियों के दौर

अब भी बचे हैं इस धरती पर जीने लायक रंग
कुछ मौके अब भी
हैं सहेजने के प्रकृति को, रिश्तों को
और संवेदनाओं को
जानते हो बर्फ़ का रंग सफ़ेद क्यों है
ताकि दिन ब दिन बहुत
काले हो रहे इस काले से वक्त में बच्चे
देख पाएं ऐसी कोई
झक्क उजली सफेदी जो सिर्फ और सिर्फ
बर्फ़ ने बचा के रखी है
अपने भीतर!
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